Posted by: vishveshavashia | December 25, 2009

વંદન!

કો’ક અજવાળિયું હાલે….

આખીયે પૃથ્વીના આખાયે પટ પર,

જોજનો મનેખના અંતરપટ પર,

ઈ ફોરે ફાગણ, ઈ વાવે વસંત,

એની હાર્યે લાખ દિવાળીયું હાલે..

                  કો’ક અજવાળિયું હાલે….

ઓલિયો પરકાશ, ટાળે અંધારિયા પાશ,

એની કીકી સૂરજ, એની આંખ્યું આકાશ,

મોટ-મોટેરા માથાંઓ માથા ઘસે,

એવું ભગવું ફાળિયું હાલે…

                  કો’ક અજવાળિયું હાલે….

આ અકિંચન આયખું, આ સાધુનો વેશ,

હરિ બિરાજ્યા છે અક્ષરને દેશ,

ઈ ધારે તો તણખલું ફરકે,

ને ઈ ધારે તો ડાળીયું હાલે…

                  કો’ક અજવાળિયું હાલે….

પરમ પૂજ્ય પ્રમુખસ્વામી મહારાજને ૮૯મી જન્મજયંતિ નિમિત્તે સાદર સમર્પિત!

Posted by: vishveshavashia | October 21, 2009

इस दिवाली!

हर साल की तरह,
इस दिवाली भी ,
तेरा शुक्रिया, खुदा,
इस रौशन ज़िन्दगी के लिए….

हर साल की तरह,
इस साल भी,
हम अपने अपनों के साथ
–खुशहाल, आबाद, महफूज़–
दिए जलाएंगे, पटाखे चलाएंगे,
नूर का जश्न मनायेंगें,

इस दिवाली, ओ पालनहारे,
ओ दुनिया को चलानेवाले,
ओ सूरज को जलानेवाले,
कुछ ऐसा करम कर,
कोई ऐसा दिया जला,
कुछ यूँ नूर चला,
कि तेरे कुछ भटके हुए बच्चे,
जो बड़े होकर भी बारूद से खेलना नहीं छोड़ते,
उनके अँधेरे दिलोंमैं कुछ उजाला हो!

…अबके कुछ यूँ दिवाली मना, खुदा!

Posted by: vishveshavashia | September 10, 2009

Paradox!

मेरे कमरेमें एक नाईटलेम्प है, सुनहरा-सा!
अपने सख्त बिछौनेपे लेटे लेटे,
हर रात मैं सुनहरी छतको तकता रहता हुं,
मेरे खयाल, मेरी यादें, मेरे सपने,
घेर लेते हैं मुझको,
एसा लगता है कि जैसे सारी कायनात,
सिमटके आ गयी हो मेरे कमरेमें…

कभी कभी युं भी होता है,
शामको बसमें घर लौटते वकत,
लगता है कि सुनहरे बादलोंके पीछे,
मेरा नाईटलेम्प जल रहा है,
ये आसमां नहीं, मेरी छत है,
ये रास्ते उतने ही सख्त जितना मेरा बिछौना..

कभी कभी शामको घर लौटते वकत,
एसा लगता है कि सारी कायनात मेरा कमरा है!

13-08-06

Posted by: vishveshavashia | August 17, 2009

हादसा!

 

एसा क्या हादसा हुआ है जलने जैसा,

तेरी हंसीमें गूंजता है क्या चीखने जैसा।

तू इतना तेज तो पहेले कभी न था,

तेरे साथ हुआ होगा कुछ छीलने जैसा।

न मिला इश्क,  इज्जत बहोत मिली उनसे,

तुझको धोखा बहोत मिला जीतने जैसा।

Posted by: vishveshavashia | July 26, 2009

Arithmetic!

Jindagi

Posted by: vishveshavashia | July 10, 2009

Chhote Miyan!

ChhoteMiyan-1

ChhoteMiyan-2

Posted by: vishveshavashia | July 6, 2009

Chhoti Baatein-2!

Muktak

Posted by: vishveshavashia | July 6, 2009

Chhoti Baatein-1!

ApniZindagi

Posted by: vishveshavashia | May 20, 2009

Breakfast!

Breakfast

Posted by: vishveshavashia | May 17, 2009

Raatvaso!

Raatvaso

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